GI उत्पादों को सरकार के स्कीम से जोड़ने की जरूरत

वाराणसी – वाराणसी परिक्षेत्र में GI ( भोगोलिक संकेतक अधिनियन के तहत पंजीकृत उत्पाद ) पंजीकृत उत्पादों को उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए फियो और महानिदेशक विदेश व्यापार व्यापार कार्यालय द्वारा उद्योग बंधू के तहत  वाराणसी  में आयोजित एक कार्यशाला में GI  पंजीकृत  उत्पादों  को बढ़ावा देने के लिए सरकार से सहयोग देने की मांग करते हुए वक्तायो ने कहा की इस बात की जरूरत है की सबसे पहले GI क्या है इसका महत्तव के बारे में खरीददारों को बताया जाये ,उन्हें gi उत्पाद क्यों खरीदना चाहिए इसमें uno को भी सहयोग करना चाहिए |

दिल्ली से से विदेश व्यापार के अपर महानिदेशक मानवेन्द्र सिंह ने कहा की ज्ञान का तुरंत लाभ नहीं मिल सकत है हमें इसके बारे लोगो को जागरूक करने के साथ इसका प्रयोग करना चाहिए | उन्होंने कहा सरकार की मंशा हमेशा होती है की उद्दमियो को फायदा पहुंचे |

वाराणसी के DGFT के सहायक निदेशक अमित ने GI  उत्पाद  के क्रियानयन को लेकर अपने प्रस्तुस्तीकरण में कहा की GI उत्पादों को बढ़ाने  के लिए एक संघटित प्रयास होना चाहिए, इसमें सरकार का सहयोग लेना चाहिए उन्होंने बताया की जिन उत्पादों को gi मिलने के बाद बढ़ोत्तरी दर्ज की उन्होंने इसका प्रयोग बेहतर तरीके से सामूहिकता के साथ किया और ध्यान दिया की क्वालिटी ब्रांडिंग के साथ उसका दुरूपयोग न हो इसका मैकेनिज्म विकसित किया है उन्होंने भारत के उत्पादों इसका फायद लिया जिसमे दार्जिलिंग की चाय को  मार्केटिंग को तेज किया   उन्होंने कहा की इसके प्रयोग करने वालो की संख्या बढाने की जरूरत है उन्होंने बताया की ४० फीसदी से ज्यादा लोग अच्छे उत्पादों के लिए ज्यादा लागत  देने को तैयार है इसके ब्रांडिंग मार्केंटिंग के साथ इसके दुरूपयोग रोकने के लिए एक संस्था का होना आवश्यक है साथ यह भी जरूरी है की फायदा उत्पाद बनाने वालो को भी दिया जाये  | उन्होंने कहा की पिछले 10 वर्षो में डालर लक टर्म में निर्यात में बद्दोत्तरी नहीं हुई है |

कालीन निर्यातक रवि पटोदिया ने कहा की  इस बात की जरूरत है की सबसे पहले GI क्या है इसका क्या महत्तव इसके बारे में खरीददारों के बीच जागरूककता आनी चाहिए ,दुनिया को यह बताना चाहिए उन्हें gi उत्पाद क्यों खरीदना चाहिए इसमें uno को भी सहयोग करना चाहिए |

ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के रजनी कान्त ने कहा की आज वाराणसी परिक्षेत्र में भारत का सबसे gi पंजीकृत उतापद है सरकार लगातार इस पर ध्यान दे रही है जिसका परिणाम जल्द ही दिखाई देगा |

निर्यातक अशोक गुप्ता ने कहा की सभी को इसका फायद बताने के साथ सरकार को ऐसे उत्पादों पर को बढ़ावा देने के ५ फीसदी का mda में अनुदान देना चाहिए साथ उन्होंने जोर देकर कहा की आज के समय में पैकेजिंग और प्रमोशन पर जोर देना चाहिए आज के समय डिजाईन का विकास जरूरी है साथ उत्पादों को निर्यात करने वाले को ५ फीसदी सरकार को देना चाहिए  वाराणसी के महाप्रबंधक उद्योग उमेश सिंह कहा की GI एक एक टूल है जो आपके उत्पादों को दुसरे से बेहतर साबित करती है यह कला को संरक्षण करने का एक माध्यम है इस पर सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता  है लेकिन इस पर विचार होना चाहिए की इसको आप सरकार के स्कीम से कैसे जोड़ सकते है  कार्यशाला में वाराणसी निफ्ट के शंकर झा , निर्यातक आर के बोथरा , आलोक बरनवाल ,सुशिल तिवारी और संचालन के फिओ के YS गर्ग ने किया |

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