एक दशक में कालीन निर्यात मे सिर्फ तीन फीसदी ही वृद्धि हुई है – अमित कुमार

भदोही। उप महानिदेशक विदेश व्यापार अमित कुमार ने कहा कि एक दशक में वैश्विक कालीन निर्यात में सिर्फ 3 फीसदी की ही वृद्धि दर्ज हुई है  उद्योग में दर्ज की गयी वृद्धि डॉलर  के मुकाबले रुपया कमजोर होने की वजह से है डॉलर टर्म में पिछले एक दशक में यह वृदि सिर्फ तीन फीसदी है उन्होंने कहा कि निर्यता संवर्धन के लिए जरूरी है कि उद्यमी अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाते रहे। कहा भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उद्योग को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है। वह गुरुवार को एकमा के कालीन भवन में आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे।

 उप महानिदेशक ने कहा कि विश्व के कालीन उत्पादक देशों से भारतीय निर्यातकों को भारी चुनौती मिल रही ही है। इसका सामना करने के लिए निर्यातकों को नित नए खोज करने के साथ अपने उत्पाद में विविधिता लाने का काम करना होगा। उन्होंने बताया कि भदोही के कालीन को भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) के रूप में मान्यता मिली है, लेकिन इसका प्रचार-प्रसार भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे gi के माघ्यम इस उद्योग को अलग पहचान दिलाई जा सकती इसके संरक्षण ले लिए अलग से सरकार धन मुहैया कराने में भी दिक्कत नही होगी उन्होंने कहा कि wto ले प्रावधानों के तहत सरकार किसी भी प्रकार के उद्योग को संरक्षण नही दे सकती लेकिन परंपरागत उद्योग और अलग प्रकार उद्योग को संरक्षित करने का प्रावधान कर सकती है इस संरक्षित उद्योग की श्रेणी रखने केलिए gi एक बड़ा माध्यम हो सकता है इसलिए इसको और बढ़ाने की जरूरत है

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