विकास आयुक्त हस्तशिल्प ने परिषद के चुनाव निरस्त करने के निर्णय को रखा बहाल, संशोधन याचिका किया खारिज

दो एजेंसियों ने चुनाव को किया प्रभावित – विकास आयुक्त हस्तशिल्प
दो फर्मों द्वारा 100 से अधिक वोटर का फीस किया गया था जमा
संशोधन याचिका में अपने चुनाव निरस्त करने आदेश को बताया सही
चुनाव शुरू होने पर वोटर लिस्ट में बदलाव अवैध और गैर कानूनी
नई दिल्ली हस्तशिल्प विकास आयुक्त द्वारा परिषद के चुनाव को निरस्त करने के आदेश के विरोध में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा दाखिल संशोधन याचिका पर विकास आयुक्त हस्तशिल्प ने कड़ी टिप्पडी करते हुए खारिज कर दिया और चुनाव में अनिमियतता के साथ दो एजेंसियों द्वारा चुनाव को प्रभावित करने की बात कही गई है ।
विकास आयुक्त हस्तशिल्प शांतमनु ने 1अप्रैल को अपने दिए गए निर्णय में में कहा है की चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद वोटर लिस्ट में बदलाव किया गया है जो गलत और गैरकानूनी है
उन्होंने दो फर्मों द्वारा लोगो के शुल्क जमा किए जाने की बात अपने आदेश लिखते कहा है की 50 से ज्यादा निर्यातकों के शुल्क का भुगतान एकं खाते से किया गया ।
उन्होंने वर्तमान परिषद द्वारा सिर्फ 18 में सिर्फ 17 सदस्य के चुनाव कराए जाने पर प्रश्न उठाया है । जबकि अध्यक्ष निर्वाचित नही होकर मनोनित थे । डीसी ने इसे भी नियमो का उल्लंघन बताया है. l
डीसी हैंडीक्राफ्ट ने अपने पुराने निर्णय कायम रखते हुए कई और बिंदुओं को अपने निर्णय में शामिल कर दिया है आचार संहिता के बाद किए बदलाव गैर कानूनी बताते हुए चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के मतदाता सूची में परिवर्तन अवैध है अपने निर्णय में उन्होंने एक एजेंसी द्वारा मतदाता सूची में नाम बढ़ाने को लेकर गंभीर बताया है और कहा है मतदाताओं को प्रभावित करने वाला कार्य है ।
निर्यातक संजय गुप्ता द्वारा चुनाव में गड़बड़ी को।लेकर चुनाव याचिका दाखिल की गई थी जिस पर निर्णय लेते हुए विकास आयुक्त हस्तशिल्प ने चुनाव को निरस्त कर दिया था । इस निर्णय के विरुद्ध में परिषद ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जिस पर परिषद और चुनाव में जीते सदस्यों को न्यायालय से स्टे मिला है जिस पर सुनवाई चल रही है

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