वाराणसी साफ्ट स्टोन जाली वर्क एवं गाजीपुर वालहैंगिंग को जीआई पंजीकरण मिला

 दुनिया में काशी क्षेत्र का दबदबा – बनारस की झोली में 2 और महत्वपूर्ण जी0 आई0 क्राफ्ट का तोहफा मिला – शिल्पी गौरवान्वित
पूरी दुनिया में अपनी हस्तकला और उत्कृष्ट कारीगरी के लिए विख्यात बनारस एवं पूर्वांचल का दबदबा जीआई एवं बौद्धिक सम्पदा के क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी कड़ी मंे वाराणसी साफ्ट स्टोन जाली वर्क – पंजीकरण सं. 556 एवं गाजीपुर वालहैंगिंग को जीआई पंजीकरण सं. 555 के साथ 30 मार्च,2018 को से देश के बौद्धिक सम्पदा अधिकार में शुमार कर लिया गया है, इसके साथ ही बनारस परिक्षेत्र के 10 उत्पादों को अब यह गौरव हासिल हो गया है और यह दुनिया के किसी भी भूभाग में सर्वाधिक जीआई पंजीकृत उत्पादों वाला क्षेत्र बन गया है। जीआई विशेषज्ञ एवं ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के निदेशक डॉ0 रजनीकान्त ने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से संस्था ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के फैसिलिटेशन द्वारा साफ्ट स्टोन में स्थानीय शिल्पियों की संस्था ‘‘दी बनारस हैण्डीक्राफ्ट डेवलपमेण्ट सोसाईटी, रामनगर, एवं ‘‘बनारस हैण्डीक्राफ्ट डेवलपमेण्ट इण्डस्ट्रीयल कोअपरेटिव सोसाईटी की तरफ से एवं गाजीपुर वालहैंगिंग हेतु ‘‘निशा क्राफ्ट विकास समिति, सैदपुर,गाजीपुर के द्वारा 18 जुलाई, 2016 को जीआई रजिस्ट्री चेन्नई में दाखिल किया गया था एवं 20 माह की लम्बी कानूनी प्रक्रिया के उपरांत इन दोनों जीआई उत्पाद का दर्जा मिल गया, जिससे आने वाले समय में इन दोनों शिल्पों के लिए भी भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार से विशेष सहयोग प्राप्त होगा और शिल्पियों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। महत्वपूर्ण यह है कि अब पूरी दुनिया में इन शिल्प उत्पादों की नकल नहीं की जा सकेगी। वाराणसी साफ्ट स्टोन जाली वर्क (जिसे साफ्ट स्टोन अण्डरकट वर्क के नाम से भी जाना जाता है) एवं गाजीपुर वालहैंगिंग जो कि दोनों निर्यात आधारित उत्पाद हैं का महत्व बढ़ जाएगा। यह दोनांे उत्पाद इतने महत्वपूर्ण हैं कि 12 मार्च,2018 को फ्रान्स के राष्ट्रपति कोे दीनदयाल हस्तकला संकुल, बड़ालालपुूर में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी जी ने उनको साफ्ट स्टोन जालीवर्क की हाथी के अन्दर हाथी को बड़ी बारीकी से दिखाया व समझाया था और वह इस अद्भुत कारीगरी को देखकर अभीभूत हो गये थे, उसी अवसर पर फ्रान्स के एफिल टावर को गाजीपुर के वालहैंगिंग पर बना कर प्रदर्शित किया गया था जो अपने आप में आकर्षण का केन्द्र था।

साफ्ट स्टोन जाली वर्क के लिए 4 जनपदों वाराणसी, चन्दौली, मिर्जापुर एवं सोनभद्र को एवं गाजीपुर वालहैंगिंग हेतु गाजीपुर, वाराणसी, चन्दौली, एवं मिर्जापुर जनपद को ही कानूनी रूप से इन दोनों उत्पादों को बनाने हेतु जीआई रजिस्ट्री द्वारा अधिकृत अधिकृत किया गया है। बच्चालाल मौर्या, शिवपूजन जायसवाल, बचाउ, संतोष, अभय कुमार, राकेश, अनिल आर्य, द्वारका प्रसाद, बबलू राजभगर, मुहम्मद अकरम, इजराईल, कैसरजहॉ, समेत इससे जुड़े शिल्पियों ने प्रसंशा व्यक्त किया है।

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