मोदी सरकार निर्यात के लिए राज्यों में बढ़ाएगी प्रतिस्पर्धा, बनेगा एक्सपोर्ट इंडेक्स
निर्यात की रफ्तार पिछले वर्षों और महीनों में कुछ खास नहीं बढ़ पाई है. इसलिए केंद्र सरकार राज्यों में निर्यात की होड़ पैदा करना चाहती है. इसके लिए एक इंडेक्स बनाने की तैयारी की जा रही है.
मोदी सरकार ने धीमी गति से बढ़ रहे निर्यात में तेजी लाने के लिए कमर कस ली है. नीति आयोग और वाणिज्य मंत्रालय मिलकर एक ऐसा इंडेक्स बनाने पर काम कर रहे हैं जिससे राज्यों में निर्यात के लिए होड़ पैदा की जा सके.

इस एक्सपोर्ट इंडेक्स में राज्यों की इस हिसाब से रैंकिंग की जाएगी कि वह निर्यात के लिए कितने तैयार हैं और इससे उनके बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा. इस एक्सपोर्ट इंडेक्स में करीब आधा दर्जन प्रमुख पैरामीटर को शामिल किया जाएगा, जैसे राज्यों की नीतियां, कारोबारी सुगमता, बुनियादी ढांचा, लोन की उपलब्धता, कुल मिलाकर निर्यात बाजार और किसी राज्य से होने वाला कुल निर्यात.

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, इस इंडेक्स में छह मुख्य सबहेड होंगे और इन सबमें 30 से 40 पैरामीटर शामिल किए जाएंगे, जो इंटरनेशनल ट्रेड पैरामीटर पर आधारित होंगे, लेकिन उनमें भारतीय जरूरतों के हिसाब से कुछ बदलाव किए गए हैं. सरकार इस तथ्य को जानती है कि भारत को यदि अपना निर्यात बढ़ाना है और वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ानी है तो राज्यों को भी निर्यात बढ़ाने के लिए तैयार करना होगा. इसलिए यह इंडेक्स लाया जा रहा है ताकि राज्य निर्यात को बढ़ावा तो दें ही, उनमें एक तरह की होड़ भी पैदा हो. फिलहाल केंद्र सरकार के अधिकारी विभिन्न राज्यों की निर्यात नीति का अध्ययन कर रहे हैं ताकि देश की सर्वश्रेष्ठ व्यवस्था को अपनाया जा सके.

वाणिज्य मंत्रालय ट्रकों के स्टॉपेज, प्रतिस्पर्धा विरोधी नियमों और निर्यात पर विपरीत असर डालने वाले मध्यस्थों की भूमिका जैसे मसलों की पहचान कर रहा है. निर्यात को आसान बनाने के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने, लॉजिस्ट‍िक की व्यवस्था आसान बनाने, बुनियादी ढांचे की क्वालिटी बेहतर करने, टाइम लाइन का पूरा करने, लॉजिस्ट‍िक ऑपरेटर्स को सक्षम बनाने आदि पर जोर दिया जाएगा. इसके अलावा तरह-तरह के अवरोध दूर करने पर भी जोर दिया जाएगा.

निर्यात का इंडेक्स तैयार करने में नीति आयोग आयात-निर्यात बैंक (Exim Bank), भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) और वाणिज्य मंत्रालय के विभिन्न विभागों से भी मशविरा किया जाएगा.

सरकार को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष यानी 2018-19 में निर्यात 7.3 फीसदी बढ़कर 325 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी. साल 2017-18 निर्यात में 9.8 फीसदी की बढ़त हुई थी और कुल निर्यात 303 अरब डॉलर का था.

हाल में चीन-अमेरिका ट्रेड वार का भी भारत को लाभ मिला है. इस वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में 34 फीसदी की जबर्दस्त बढ़त हुई है. जनवरी महीने में निर्यात में 3.74 फीसदी की बढ़त हुई थी और कुल 26.3 अरब डॉलर का निर्यात हुआ.

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