नई दिल्लीः 34 साल बाद भारत का कोई प्रधानमंत्री यूएई का दौरा कर रहा है. दुनिया भर की नजर इस दौरे पर है. प्रधानमंत्री मोदी अबु धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नयन के निमंत्रण पर यूएई पहुंचे हैं. मोदी के इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच कई पहलुओं पर एक नई शुरूआत हो सकती है. और ये शुरुआत मोदी ने शेख जायद मस्जिद जाकर दिखाई. प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार किसी मस्जिद में गए हैं.अबु धाबी की शेख जायद मस्जिद दुनिया की 10 बड़ी मस्जिदों में शुमार है. इसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद कहा जाता है. सफेद रंग की ये शानदार मस्जिद कारीगरी का वो नमूना है कि जो देखे बस देखता रह जाए. शीशे से जगमगाती इस मस्जिद को दुनिया में सबसे सुंदर मस्जिद माना जाता है.2 साल में इस कालीन को 1200 ईरानी महिलाओं ने रात दिन की मेहनत के बाद बनाया है. इस फारसी कालीन पर एक बार में 9000 लोग बैठ सकते हैं. सफेद रंग की इस भव्य मस्जिद के मुख्य गुंबद की ऊंचाई 75 मीटर और लंबाई 32.2 मीटर है.

इस मस्जिद के निर्माण से जुड़े कई किस्से हैं. मस्जिद बनाने के लिए मोरक्को,तुर्की, भारत,मलेशिया, चीन, ईरान, यूके, न्यूजीलैंड और ग्रीस से कारीगर बुलाए गए थे.
38 कंपनियों और 3000 लोगों ने मिलकर इस मस्जिद को बनाया. मस्जिद के भीतर भव्य नक्काशी और गोल्ड कोटिंग की गई है. मस्जिट के सेंट्रल हॉल में 9 टन वजन का झूमर टंगा हुआ है.
मस्जिद के बाद कालीन की कहानी –शेख जायद मस्जिद के मुख्य हॉल में की कालीन हाथ का बुना हुआ दुनिया का सबसे बड़ा कालीन है. करीब 6000 वर्गफीट का फारसी कालीन ईरान से मंगाया गया है तो ऐसी भव्य मस्जिद में पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. मोदी का यूएई दौरा खास है क्योंकि यहां करीब 26 लाख भारतीयों का घर है. यूएई से रिश्तों की मजबूती अहम है क्योंकि यूएई की कुल जनसंख्या का 30 फीसदी हिस्सा भारतीय प्रवासी है ये अकेला ऐसा समुदाय है जो किसी खाड़ी देश में इतनी बड़ी संख्या में रहता है.
कितना अहम है दौरा
अमरेका और चीन के बाद यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का व्यापार है. पिछले वित्त वर्ष में जहां एक ओर भारत में यूएई में करीब 3 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया वहीं दूसरी ओर नई दिल्ली ने खाड़ी देशों से 28 अरब डॉलर के नॉन आयल सामानों का आयात किया.  अरब देशों की कमान संभालने वाले ताकतवर देश यूएई ने भारत में करीब 8 अरब डॉलर का निवेश भी किया है.
 प्रधानमंत्री की यूएई यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि ऐसे समय में जब मोदी मेक इन इंडिया का नारा दिया है, यूएई भारत में भारी निवेश करेगा.
 माना जा रहा है कि मोदी की यात्रा से दोनों देशों के आपसी संबंधो को ताकत मिलेगी जिसका सीधा फायदा यूएई में रह रहे करीब 26 लाख भारतीय प्रवासियों को होगा..


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