इंडिया कार्पेट एक्सपो: 60 देशों के प्रतिनिधियों ने किया प्रतिभाग-महावीर शर्मा

चार दिनों में 2859 से अधिक हुए व्यापारिक पूछताछ 4 दिनों 337 करोड़ के निर्यात मिले

वाराणसी। वाराणसी के संपूर्णानंद संस्‍कृत विश्‍वविद्यालय में वस्‍त्र मंत्रालय के सहयोग से कालीन निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा आयोजित 34वां इंडिया कारपेट एक्‍सपो का शुक्रवार को समापन हो गया। इस मेले ने कालीन उद्योग को नई उचाइयां प्रदान करने के साथ उद्योग को बदलते ट्रेंड से परिचित कराया है। यह मेला निर्यातकों की आपसी समझ बढ़ाने के साथा विश्व मार्केट में बदलाव के साथ ज्‍यादातर आयातकों की मांग का विश्‍लेषण करने का अवसर दिया।
परिषद के चेयरमैन महावीर शर्मा ने बताया कि इस मेले में पहली बार नए देशों को फोकस किया गया है। जिसका असर मेले पर दिखाई पड़ा। फेयर में सबसे अधिक अमेरिका से आयातक आये वहीं कई नए देश चिली, अर्जेंटीना, जापान, मैक्सिकों, नीदरलैण्‍ड, पोलैण्‍ड, रोमानिया,  के आयातक आए। इन देशों के आयातकों ने अपने देश की विशेषताएं और वहां किस तरह के उत्‍पादों की मांग है इसके बारे में निर्यातकों के साथ जानकारियां साझा किया और सैंपल का आदान प्रदान किया जो आने वाले भविष्‍य में नए मार्केट पैदा करेगी।
इस कालीन मेले में कालीन निर्यातकों ने काफी नए प्रयोग किए। विविधताओं से भरा इस मेले में नए निर्यातकों के साथ महिला निर्यातकों की भी भागीदारी बढ़ी है। श्री शर्मा ने बताया कि इस वर्ष मेले में काफी आर्डर मिले हैं और इस मेले में 60 देशो कर 600 आयातक और आयतको के प्रतिनधियों ने भाग लिया निर्यातकों को  337 करोड़ आर्डर मिले वही इस बार फेयर में  2859  व्यापारिक पूछताछ की गई है जो आगे व्यवसाय में तब्दील होगी। इसमें लंबे समय तक इस संबधों का फायदा उद्योग को मिलेगा। 
उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें संसाधन उपलब्ध कराए तो व्यवसाय में उसका लाभ होगा जो बुनकरों के जीवनस्तर को बेहतर करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार और व्यवसाइयों में समन्वय हो। जल्द ही कार्पेट पॉलिसी का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा रहा है जिसका लाभ उद्योग व सरकार दोनों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि अगला फेयर 08 से 11 मार्च तक नई दिल्ली ओखला में लगेगा। नए देशों के साथ संबंध स्‍थापित करने में यह 34वां कालीन मेला सफल रहा। 

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