मंदी से उबरा कालीन उद्योग निर्यात हुआ 12 हजार करोड़ के पार
वाराणसी । लगातार मंदी की बात करने वाले कालीन उद्योग को कालीन निर्यात संवर्धन परिषद् ने राहत की खबर दी है। बीते वर्ष की तुलना में निर्यात ने नयी उचाई छू ली है। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद् ने जो नए आंकडे जारी किये है वह मंत्रालय और सरकार को राहत देने वाली है। वही इस खबर से मंदी के नाम पर राहत की मांग की करने वाले को झटका लग सकता है। परिषद के नए आंकड़े किसी के लिए ख़ुशी और किसी के दुःख बात हो सकती है, लेकिन कम से कम सरकार के लिए राहत और सुकून की बात है। परिषद् द्वारा जारी आंकड़े को देखे तो 2018 -2019 निर्यात आंकड़ा 12365 हजार करोड़ पहुच गया जो वर्ष 2017-18 से 12 सौ करोड़ जयादा है।

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा जारी आंकड़े

मेले 300 करोड़ से ज्यादा निर्यात आडर
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के चैयरमैन सिद्धनाथ सिंह ने आज एक चैंनल से बात करते हुए कहा कि 3 दिनों में रविवार दोपहर तक 300 करोड़ का ऑर्डर मिल गया है कल शाम तक हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है कि हम अनुमानित लक्ष्य कोपा लेंगे ।परिषद ने आज अपने प्रेस रिलीस में बताया है मेले आज तक 348 आयातक और 215 आयातकों के प्रतिनिधि मेले में आये।

आज मेले में भ्रमण करने के बाद प्रदेश के मंत्री स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवल ने कहा कि देश मे कोई मंदी नही है और वाराणसी के इंडिया कारपेट एक्सपो में 300 सौ से अधिक विदेशी बायरों का आना इस बात का प्रमाण है।

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