पानीपत में विशेष कारपेट कलस्टर स्थापित होगा : स्मृति

कारपेट क्लस्टर का ब्रांड, डिजाइन विकास केंद्र बनेगा(सीईपीसी) के चेयरमैन जयपुर के महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि अब तक पानीपत के कारपेट का कोई नाम नहीं था। सिर्फ क्वालिटी के कारण ही देश-दुनिया में बिक रहा है। ब्रांड मिल है तो अब इसकी डिजाइन और विकास के लिए केंद्र खुलेगा। जिससे पानीपत का कारपेट उद्योग डेढ़ से दो गुना बढ़ जाएगा। 

गुरुग्राममें केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने पानीपत में कारपेट क्लस्टर यानी कालीन केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। 32 हजार करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट करने वाली पानीपत इंडस्ट्री को पहली बार कारपेट क्लस्टर के रूप में एक ब्रांड मिला है। भारत सरकार की ओर से अधिकृत कारपेट एक्सपाेर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) के चेयरमैन जयपुर के महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि अब तक पानीपत के कारपेट का कोई नाम नहीं था। सिर्फ क्वालिटी के कारण ही देश-दुनिया में बिक रहा है। ब्रांड मिल है तो अब इसकी डिजाइन और विकास के लिए केंद्र खुलेगा। जिससे पानीपत का कारपेट उद्योग डेढ़ से दो गुना बढ़ जाएगा। 

सीईपीसी ने किया काम आसान : सीईपीसीके चेयरमैन महावीर शर्मा और सदस्य सुनील जैन ने बताया कि केंद्र सरकार ने सीईपीसी से इस बारे में पानीपत का फीडबैक लिया और पूछा कि पानीपत में कारपेट क्लस्टर बनाए जा सकते हैं या नहीं। सही फीडबैक देने के बाद ही मंत्री ने इसकी घोषणा की। 
. अलग सेक्टर मिलेगा, डिजाइन क्वालिटी भी अच्छी होगी 

सीईपीसीके चेयरमैन ने कहा कि पानीपत में अब कारपेट विकास केंद्र खुलेगा। जिसमें इसकी डिजाइन और बेहतर क्वालिटी पर काम होगा। साथ ही प्लांट के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया जाएगा। इसके लिए अलग से कारपेट सेक्टर बसाया जाएगा। आज तो शहर के कोने-कोने में कारपेट यानी कालीन का काम चल रहा है। अब अलग से इन्हें सेक्टर मिलेगा। 
.दोगुना बढ़ेगा कारपेट का कारोबार 

हरियाणाकारपेट मेन्यूफेक्चरर एसोसिएशन (एचसीएमए) के प्रधान सतेंद्र गुलिया ने बताया कि एसोसिएशन से जुड़े 125 के साथ ही करीब 130 कारपेट यूनिट हैं। अमेरिका, यूरोप सहित विश्व के अन्य हिस्सों में पानीपत के कारपेट की मांग है। इसका सालाना घरेलू कारोबार एक हजार करोड़ और विदेशों से 900 करोड़ का है। क्लस्टर बनने से कारोबार दोगुना होगा। 
.हजारों हाथों के हुनर को मिलेगा सही मूल्य 

सीईपीसीके पानीपत से एकमात्र सदस्य निर्मल इंटरनेशनल के मालिक सुनील जैन ने कहा कि कालीन क्लस्टर स्थापित होने से बुनकर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। ब्रांड मिलने से एक्सपोर्ट बढ़ेगा। जिससे रोजगार और इसके सही मूल्य भी मिलेंगे। जिससे कर्मचारियों को सैलरी भी अच्छी मिलेगी। 


ये भी जानिए 

कारपेट क्लस्टर : अलगसे सेक्टर बसेगा 

यूनिट: 150के करीब 

एक्सपोर्टविदेशों में : 900करोड़ रुपए का 

डोमेस्टिकखपत : 100करोड़ रुपए की 

कितनेलोग जुड़े हैं : 7हजार 
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