लेदरकार्पेट और जेम ऐंड जूलरी जैसे लेबर का अधिक इस्तेमाल करने वाले सेक्टर्स के एक्सपोर्ट में कमी दर्ज की 

जनवरी में निर्यात 4.3% बढ़ा, व्यापार घाटा करीब 65,615 करोड़ रुपये

नई दिल्ली अमेरिका, यूरोप और जापान से मांग बढ़ने की वजह से जनवरी में लगातार पांचवें महीने देश से निर्यात बढ़ा है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि नोटबंदी का निर्यात पर उतना असर नहीं हुआ है, जितनी आशंका जतायी जा रही थी। हालांकि, आयात में तेजी से हुई बढ़ोतरी से व्यापार घाटे में वृद्धि हुई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में एक्सपोर्ट 4.3 पर्सेंट बढ़कर 22.1 अरब डॉलर का रहा। आयात में 10.7 पर्सेंट की वृद्धि दर्ज की गयी और यह 31.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे जनवरी में 9.8 अरब डॉलर (करीब 65,615 करोड़ रुपये) का व्यापार घाटा रहा, जो एक वर्ष पहले के इसी महीने में 7.6 अरब डॉलर (करीब 50885 करोड़ रुपये) का था। जनवरी में गोल्ड इंपोर्ट लगभग 30 पर्सेंट घटकर 2.04 अरब डॉलर रह गया।

एक्सपोर्ट करने वाले 30 सेक्टर्स में से 17 की शिपमेंट बढ़ी है, लेकिन लेदर, कार्पेट और जेम ऐंड जूलरी जैसे लेबर का अधिक इस्तेमाल करने वाले सेक्टर्स के एक्सपोर्ट में कमी दर्ज की गयी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि कुल ट्रेड बैलेंस में सुधार हुआ है। 2016में ग्लोबल ट्रेड ग्रोथ करीब 1.7 पर्सेंट रहने का अनुमान है। EEPC इंडिया के चेयरमैन टी एस भसीन ने कहा, ‘व्यापार के सकारात्मक आंकड़ों से देश के एक्सपोर्ट को और मजबूत करने के लिए आधार बनेगा। इसे अमेरिका और यूरोप में मांग बढ़ने से मदद मिलेगी।
ऊंचे क्रूड प्राइसेज से एक्सपोर्ट को मदद मिली है। नॉन-ऑइल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में इंजिनियरिंग गुड्स का प्रदर्शन अच्छा रहा, जबकि जेम ऐंड जूलरी और फार्मास्युटिकल सेक्टर्स के एक्सपोर्ट में गिरावट दर्ज की गई। जनवरी में ऑइल इंपोर्ट 61 पर्सेंट बढ़कर 8.14 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि नॉन-ऑइल इंपोर्ट 23.8 अरब डॉलर के साथ फ्लैट रहा। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के प्रेजिडेंट एस सी रल्हन ने बढ़ते संरक्षणवाद, करेंसीज में उतार-चढ़ाव और एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए अन्य चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया, ‘मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए हमें इस फाइनैंशल इयर में लगभग 270 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट का अनुमान है

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