पिछले 9 महीने से हो लगातार गिरावट का असर दिखने लगा है। एक के बाद एक एक्सपोर्ट यूनिट बंद हो रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक्सपोर्ट में गिरावट के वजह से 5 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए हैं। एक्सपोर्ट सेक्टर की खस्ता हालत पर स्पेशल रिपोर्ट।
गुड़गांव की बंद पड़ी एक्सपोर्ट यूनिट जहां साल भर पहले करीब 2000 लोग काम किया करते थे। यहां से बनने वाला गारमेंट यूरोप, अमरिका और जापान में एक्सपोर्ट हुआ करता था। लेकिन 6 महीने पहले इसके मालिक बिमल मवांडिया को ना चाहते हुए भी अपनी तीन एक्सपोर्ट फैक्ट्री बंद करनी पड़ी। इतना ही नहीं बाकी बची एक फैक्ट्री में भी उत्पादन 40 फीसदी घटाने को मजबूर होना पड़ा।
हालांकि बिमल मवांडिया के इस कदम से करीब पिछले छे महीने में करीब 600 लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा। लेकिन ये मवाडिया की मजबूरी थी। क्योंकि पिछले एक साल में इनको मिलने वाले ऑर्डर में करीब 40 फीसदी कमी आई है। यह हाल सिर्फ मवाडिया जी के यूनिट का ही नहीं है बल्कि मंदी की मार नहीं झेल पाने से दिल्ली, गुड़गांव और आसपास के कई एक्सपोर्टर्स ने अपनी यूनिट को बंद कर दिया है।
एक अनुमान के मुताबिक देश भर में एक्सपोर्ट यूनिट बंद होने से पिछले 6 महीने में करीब 5 लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है और इसकी वजह भी है।
इंजीनीयरिंग सेक्टर में पिछले एक महीने में 2 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट कम हुआ है। ऐसा सेक्टर जहां जोब की संभावनाएं ज्यादा है। इसके अलावा भी गारमेंट में भी डबल डिजिट ग्रोथ था उसमें कमी आई है। तो एक जो सेक्टर को छोड़ सभी सेक्टर में ग्रोथ है वो चिंता का विषय बना हुआ है।

दरअसल, पिछले नौ महीने से लगातार एक्सपोर्ट में गिरावट हुई है। पिछले महीने 20 फीसदी से भी ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। कुल 17 सेक्टर में गिरावट देखने को मिली है जिसमें इंजीनियरिंग, लेदर, गारमेंट और कारपेट सेक्टर शामिल है। अब एक्सपोर्टर्स को इंतजार है सरकार की तरफ से मिलने वाले किसी बड़े राहत पैकेज का।

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